Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Sunday, 3 May 2015

Ram Jee Ki Stuti ( राम जी की स्तुति ।)

मैं हूँ श्री भगवान का , मेरे श्री भगवान  ।
अनुभव यह करती रहूँ , साधन सुगम महान ,।।
प्रभु के चरणों में सदा , पुनि पुनि करूँ प्रणाम ।।
कहूँ कभी भूलूँ नहीं , मेरे प्रभु श्री राम ।।

बार बार बर माँगउँ ,हरषि देहू श्री रंग ।
पद सरोज अनपायनी भक्ति सदा सत्संग ।।

बिगड़ी जनम अनेक की ,अब हीं सुधारूँ आज।
होहिं राम का नाम जपूँ , तुलसी तज कुसमाज ।।

नहीं बुद्धि नहीं बाहुबल , नहीं खरचन को दाम।
    मों सो अपंग पतित की  ,पत राखो श्री राम।।

मों सम दीन न दीन हित , तुम  समान रघुवीर ।
अस बिचारी रघुवंश मनि, हरहूँ विषम भवभीर।।

  एक भरोसो एक बल , एक आस विश्वास ।
  एक राम घनश्याम हित, चातक तुलसीदास।।

राम नाम मनि दीप धरूँ  , जीह देहरी द्वार ।
तुलसी भीतर बाहर हीं   , जो चाहसि उजियार ।।

Uth. Jaag Musaphir Bhor Bhayee. (उठ जाग मुसाफ़िर भोर भइ।)

उठ जाग मुसाफ़िर भोर भइ , अब रैन कहाँ जो सोवत हैं।
  जो सोबत हैं वो खोबत हैं , जो जागत हैं वो पावत हैं। उठ जाग...

जो कल करे सो आज करले , जो आज करे सो अब करले ,
जब चिड़ियन खेती चुग डाली , फिर पछतायत क्या होवत हैं ।उठ जाग़......

उठ नींद से अँखियाँ खोल जरा , और अपने प्रभु से ध्यान लगा ,
    ये प्रीत करन की रीत नहीं , प्रभु जागत हैं तू सोवत है ।उठ जाग.....

   नादान भुगत करनी अपनी ,ओ पापी पाप में चैन कहाँ , 
जब पाप की गठरी शीश धरी , फिर शीश पकड़ क्यों रोवत हैं।
उठ जाग मुसाफिर भोर भइ , अब रैन कहाँ जो सोबत हैं ।

Friday, 1 May 2015

Nam Tumhara Taran Hara .( नाम तुम्हारा तारणहारा।) कृष्ण भजन ।

नाम तुम्हारा तारणहारा , कब तेरा दर्शन होगा ,
जिसकी रचना इतनी सुन्दर , वो कितना सुन्दर होगा ।नाम तुम्हारा....
सुर नर मुनि जन जिन चरणों में , निशिदिन ध्यान लगाते हैं ,
जो भी तुम्हारे दर पे आते हैं, मनवांछित फल पाते हैं ।
आत्म निधि को पाने हेतु, दर पे तेरे आना होगा ।
जिसकी रचना इतनी सुन्दर , वो कितना सुन्दर होगा ।नाम तुम्हारा...
दीन दयाल दया के सागर , जग में तुम्हारा नाम है ,
तुम बिन मेरे बालकृष्ण अब , कोई नहीं हमारा है ।
भव सागर पार करने हेतु , तेरे सरन ही आना होगा ,
जिसकी रचना इतनी सुन्दर , वो कितना सुन्दर होगा ।नाम तुम्हारा....

Bhaj Man Radhe Govinda.(भज मन राधे गोविन्द )।

भज मन राधे गोविन्द , गोपाला प्रभू का प्यारा नाम है ।
गोपाला प्रभु का प्यारा नाम है , नन्दलाला प्रभु का प्यारा नाम है -भज मन......
     मोर मुकुट सिर उर बनमाला , केशर तिलक लगाये ,
   वृंदावन की कुंज गली में , सबको नाच नचाये । मन भज ले...
   मैया खिलावे माखन मिश्री , गोद खिलावे नन्दबाबा 
    ग्वाल बाल संग धेनु चराये , मोहन मुरली वाला ।भज मन राधे....
    

Thursday, 30 April 2015

Shri Krishna Bhagwan Ke 108 Nam (श्री कृष्ण भगवान के १०८ नाम) ।

ऊँ, कन्हैया , कृष्ण , केशव , चक्रधारी , नन्दलाल , माधव , श्यामसुन्दर , मुरारी , कमलनाथ , त्रिभंगी , नंदगोपप्रियात्मज , गोविन्द , द्वारिकानायक , नारायण , माखन चोर , नटनागर  मोरमुकुटधारी, गीताचार्य  , नन्दनंदन ।
नन्दनन्दन , , अविनाशी , नरोत्तम , नन्द गोप प्रियात्मज , गोपेश्वर , रणछोड़ , गदाधर ,
, गोपाल , दामोदर , ब्रजनाथ , , दीनबंधु , जगदीश , दीनानाथ , रसिक बिहारी
जगतपिता , यशोदालाल , बाँकेबिहारी , मदन मोहन , कृपानिधि , सर्वरक्षक , सर्वशक्तिमान , 
सर्वब्यापक , मन हरन , बाँकेबिहारी , गोपीनाथ , ब्रजवल्लभ , गोवर्धनधारी , घनश्याम , परमानन्द ,  जनार्दन , राधारमण , माधो , मधुसूदन , हरि , मुरलीमनोहर , श्याम , कल्याणकारी , अनन्त , पीताम्बरधारी , चक्रधारी , ।
परमपिता ,  , गोसाईं , भग्त वत्सल , वासुदेव , परमात्मा ,  निरंजन, 
कालीनाग नथैया , , अन्तर्यामी , सर्वाधार , अद्वैत , घट - घट के वासी , दीनानाथ ,परमेश्वर ,
 रमणीक , निराकार , निर्विकार , अच्युत , , त्रिभुवन नाथ , सनातन , विष्णु , सत्यनारायण , 
ज्योति स्वरूप , परम पिता , ब्रह्म , संहरता , पालन करता , सच्चिदानंद स्वरूप ,  गोपिकावल्लभ,  राधेश्याम , सत्यस्वरूप , आनन्ददाता , , अनादि , कल्याणकारी , विश्वकर्ता , पूर्ण परमानन्द , चतुर्भुजात , श्रीशाय , त्रिनावर्ताय , कोटिसूर्यसमप्रभा,
परम पुरूष , जगतगुरू , परब्रह्म , परात्पराय , यादवेन्द्र , सकटासुरभंजन , पार्थसारथी , वेणुनादविषारद , नारकान्तक , सत्यवाचे , जगन्नाथ , 

Wednesday, 29 April 2015

Jis Ki chitvan Ka ishara dil me hai. (जिस की चितवन का इशारा दिल में है।)

जिसकी चितवन का इशारा दिल में है,
  एक वही दिल का सहारा दिल में है ।
बस गया जिस दिन से दिल में साँवरा-२
  क्या बताएँ, क्या नजारा दिल में है ।जिसकी चितवन...

हर जगह पर हमको थी जिसकी तलाश ,
वह दिले, रहजंग हमारा दिल में है ।जिसकी चितवन...

दर्दे दिल को, दिल से क्यों हम रूखसत करें-२
यह भी एक दिलवर का प्यारा दिल में है ।
    क्या बताएँ क्या नज़ारा दिल में है। 

   बिन्दू ये आँखों को देते हैं सबूत ,-२
प्रेम की गंगा की धारा दिल में ।
एक वही दिल का सहारा दिल में है ।
जिसकी चितवन का इशारा दिल में है,
एक वही दिल का सहारा दिल में है।

Sab Ka Bhala Karo Bhagwan .( सबका भला करो भगवान ) ।

सब का भला करो भगवान, सब का भला करो भगवान ।
  दाता दया निधान , सबका भला करो भगवान ।।
तुम दुनिया का प्रीतम प्यारा, सबसे ऊँचा सबसे न्यारा ।
सकल गुणों की धाम , सबका भला करो भगवान ।।

तू सबका है पालनहारा, सबको मिलता तेरा सहारा।
हे जगदीश महान , सबका भला करो भगवान ।।

भर दो सबकी झोलियाँ दाता , तू है सबका भाग्य विधाता।
    दो सबको वरदान , सबका भला करो भगवान ।।

ये जग चलता तेरे सहारे, तुम हो मात पिता हमारे ।
  हम तेरी सन्तान , सबका भला करो भगवान ।।

दाता दया निधान , सबका भला करो भगवान ।।