Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Monday, 13 April 2015

Parvati Jee Ki Aarti. (पार्वती जी की आरती )।

जय पार्वती माता , मैया जय पार्वती माता ।
ब्रह्म सनातन देवी ,   शुभ फल की दाता  ।।
जय पार्वती माता ..................................
अरिकुल पद्म  विनासनि,  जय सेवक  त्राता ।
  जग जीवन जगदम्बा , हरिहर गुण  गाता ।।
जय पार्वती माता ...................................
  सिंह को वाहन साजे ,  कुण्डल है   साथा   ।
  देव बंधु जस गावत ,   नृत्य करत  ता था   ।।
 जय पार्वती माता ................................
 सतयुग रूप शील अति सुन्दर , नाम सति कहलाता ।
 हेमांचल घर जन्मी ,  सखियन  संग राता   । ।
 जय पार्वती माता ..........................................
 शुम्भ निशुम्भ    विदारे ,    हेमांचल स्याता    ।
 सहस्र भुजा तनु धरिके ,  चक्र लियो  हाथा  ।।
 जय पार्वती माता ...........................................
  सृष्टि रूप  तू ही है जननी ,  शिव संग  रंगराता ।
   नन्दी   भृंगी   बीन  लही है , हाथन  मदमाता  ।।
  जय पार्वती माता .....................................
      देवन अरज करत   ,  तब चित  को  लाता ।
        गावत  दे दे ताली ,      मन में रंग  राता ।।
   जय पार्वती माता .................................
    मैंया जी की आरती ,  जो कोई भक्त   गाता ।
   सदा सुखी नित रहता ,    सुख सम्पत्ति पाता ।।
   जय पार्वती माता ......................................